Posts

25 साल का सुशासन: गुजरात से ‘विकसित भारत’ तक का सफ़र

Image
25 साल का सुशासन:  गुजरात से ‘विकसित भारत’ तक का सफ़र रिपोर्ट सीमा भट्टाचार्य  25 साल का सुशासन: गुजरात से ‘विकसित भारत’ तक का सफ़र 25 साल का सुशासन: गुजरात से ‘विकसित भारत’ तक का सफ़र पचास सदी तक फैली जनसेवा की यात्रा… गुजरात के मुख्यमंत्री से देश के प्रधानमंत्री तक, शासन के बदलते स्टैंडर्ड की सच्ची कहानी यह दिन गुजरात की राजनीति में एक अहम मोड़ है। नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली और यहीं से सरकार के मुखिया के तौर पर उनके लंबे राजनीतिक-प्रशासनिक सफ़र की शुरुआत हुई। 25 साल के इस पड़ाव तक पहुँचे इस सफ़र में गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर और फिर 2014 से देश के प्रधानमंत्री के तौर पर ज़िम्मेदारी का समय शामिल है। ये 25 साल सिर्फ़ सत्ता में रहने के समय की गिनती नहीं हैं। इस दौरान शासन के कामकाज, एडमिनिस्ट्रेशन में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल, जनकल्याणकारी योजनाओं, इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल सेवाओं और विकास की प्राथमिकताओं में बड़े बदलाव देखे गए हैं। नरेंद्र मोदी के समर्थक इस यात्रा को 'गुड गवर्नेंस' और '...

UPI से किसी दूसरे को ₹2,000 से ज्‍यादा भेजने पर चार्ज लगेगा?

Image
UPI से किसी दूसरे को ₹2,000 से ज्‍यादा भेजने पर चार्ज लगेगा? 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से ज्‍यादा के पर्सन-टू-मर्चेंट UPI ट्रांजैक्‍शन पर 0.4% का मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू होगा। ध्यान देने वाली बात यह है कि पर्सन-टू-पर्सन ट्रांजैक्‍शन पहले की तरह मुफ्त रहेंगे। उन पर कोई MDR नहीं लगेगा। NPCI की ताजा जानकारी से इसका पता चलता है। मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) असल में वह फीस है जो मर्चेंट को क्रेडिट या डेबिट कार्ड के जरिए सामान या सेवाओं के लिए पेमेंट लेने पर देनी पड़ती है। इसे आम तौर पर ट्रांजैक्‍शन की रकम के प्रतिशत के तौर पर कैलकुलेट किया जाता है। बाकी पेमेंट मर्चेंट के खाते में जमा होने से पहले बैंक इसे काट लेता है। 2,000 रुपये से ज्‍यादा के UPI ट्रांजैक्शन के लिए MDR क्यों लाया जा रहा है? आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है? NPCI ने अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (FAQs) की एक पूरी लिस्ट जारी की है और उनके जवाब दिए हैं।   यह मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) अभी क्यों लाया जा रहा है? UPI हर महीने अरबों ट्रांजैक्शन प्रोसेस कर...