गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ
श्री गणेश चतुर्थी की हार्दिक शुभकामनाएँ
भगवान श्री गणेश केवल विघ्नहर्ता ही नहीं हैं, बल्कि उनका स्वरूप हमें जीवन जीने के अनेक अनमोल गुण सिखाता है—बुद्धि, विनम्रता, धैर्य, एकाग्रता, संयम और कर्तव्यनिष्ठा।
🐘 बड़ा मस्तक — हमें सदैव विशाल और सकारात्मक सोच रखने की प्रेरणा देता है।
👂 बड़े कान — अधिक सुनने और कम बोलने की सीख देते हैं।
👀 छोटी आँखें — अपने लक्ष्य पर एकाग्र रहने की प्रेरणा देती हैं।
🦷 एक दाँत — अच्छाई को स्वीकार करके नकारात्मकता को त्यागने की सीख देता है।
🐁 छोटा वाहन — शक्ति और सफलता के बावजूद अहंकार पर नियंत्रण रखने की प्रेरणा देता है।
🍚 बड़ा पेट — जीवन की अच्छी-बुरी परिस्थितियों को धैर्य और समझदारी से स्वीकार करना सिखाता है।
🌿 इस गणेश चतुर्थी पर हम केवल गणपति जी की प्रतिमा की स्थापना न करें, बल्कि उनके गुणों, संस्कारों और आदर्शों को अपने हृदय में स्थापित करने का संकल्प लें।
🙏 गणपति बप्पा हमारे जीवन के सभी विघ्नों को दूर करें,
हमें सद्बुद्धि, सद्विचार और अच्छे संस्कार प्रदान करें,
हमारे परिवार में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखें,
और हमें सदैव सत्कर्म, सेवा और परोपकार के मार्ग पर चलने की शक्ति दें।
हर विघ्न को विघ्नहर्ता मिटा दे और आने वाले समय में सभी को साथ लेकर और भी अधिक और अच्छे और भिन्न भिन्न सामाजिक कार्य करने का अवसर प्राप्त हो यही आशा करती हूं.
गणेश स्तुति
गणपति बाप्पा मोरया, मंगलमूर्ति मोरया!
गणनायकाय गणदेवताय गणाध्यक्षाय धीमहि ।
गुणशरीराय गुणमण्डिताय गुणेशानाय धीमहि ।
गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि ।
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।
गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥
गानचतुराय गानप्राणाय गानान्तरात्मने ।
गानोत्सुकाय गानमत्ताय गानोत्सुकमनसे ।
गुरुपूजिताय गुरुदेवताय गुरुकुलस्थायिने ।
गुरुविक्रमाय गुह्यप्रवराय गुरवे गुणगुरवे ।
गुरुदैत्यगलच्छेत्रे गुरुधर्मसदाराध्याय ।
गुरुपुत्रपरित्रात्रे गुरुपाखण्डखण्डकाय ।
गीतसाराय गीततत्त्वाय गीतगोत्राय धीमहि ।
गूढगुल्फाय गन्धमत्ताय गोजयप्रदाय धीमहि ।
गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि ।
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।
गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥
ग्रन्थगीताय ग्रन्थगेयाय ग्रन्थान्तरात्मने ।
गीतलीनाय गीताश्रयाय गीतवाद्यपटवे ।
गेयचरिताय गायकवराय गन्धर्वप्रियकृते ।
गायकाधीनविग्रहाय गङ्गाजलप्रणयवते ।
गौरीस्तनन्धयाय गौरीहृदयनन्दनाय ।
गौरभानुसुताय गौरीगणेश्वराय ।
गौरीप्रणयाय गौरीप्रवणाय गौरभावाय धीमहि ।
गोसहस्राय गोवर्धनाय गोपगोपाय धीमहि ।
गुणातीताय गुणाधीशाय गुणप्रविष्टाय धीमहि ।
एकदंताय वक्रतुण्डाय गौरीतनयाय धीमहि ।
गजेशानाय भालचन्द्राय श्रीगणेशाय धीमहि ॥
गणपति बप्पा मोरया!
🙏 मंगल मूर्ति मोरया! 🙏
SEEMA
Bhattacharya
UJJWAL BHARAT NEWS 🗞️📰
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